जानें, तूफानों का नाम रखने की प्रक्रिया | Learn The Process of Naming Storms

जानिए चक्रवाती तूफान एम्फन का क्यों पड़ा ये नाम, क्या है तूफानों का नाम रखे जाने की प्रक्रिया

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बीच इन दिनों देश में एक चक्रवाती तूफान को लेकर कई राज्य काफी परेशान है। बंगाल की खाड़ी से उठे इस तूफान के अगले एक दो दिनों में राजधानी सहित अन्य इलाकों में पहुंचकर नुकसान करने की जानकारियां दी जा रही हैं।

मौसम विभाग ने भी इस तूफान को लेकर तमाम तरह के एलर्ट जारी किए हैं। विभाग इस तूफान के हर पल की जानकारी दे रहे हैं साथ ही राज्यों को इससे बचने के लिए एलर्ट भी जारी कर रहे हैं। फिलहाल इस बार इस चक्रवाती तूफान को एम्फन नाम दिया गया

तूफान को ये नाम थाईलैंड ने दिया है। इस खबर के माध्यम से हम आपको बताएंगे क्या है इन चक्रवाती तूफानों का नाम रखे जाने की प्रक्रिया। किस आधार पर रखा जाता है इनका नाम और कौन-कौन से देश इस ग्रुप में शामिल हैं जो इन तूफानों का नामकरण करते हैं। 



इस बार थाईलैंड ने दिया तूफान का नाम

ये पहली बार नहीं है कि किसी तूफान को कोई नाम दिया गया हो, वैसे तूफान तो अपने आप में ही एक नाम है मगर इससे इतर भी इनका नामकरण करने की प्रक्रिया चल रही है। इसकी शुरूआत 15 साल पहले यानि 2004 में हुई थी।

दरअसल अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में आने वाले समुद्री तूफानों के नाम रखने का सिलसिला 2004 में ही शुरू हुआ था। नामकरण की इस प्रक्रिया के लिए एक सूची बनाई गई। इस सूची में आठ देशों को शामिल किया गया।

यदि किसी तूफान की संभावना दिखती है तो इन आठ देशों को क्रमानुसार आठ नाम देने होते हैं। जब जिस देश का नंबर आता है तो उस देश की सूची में दिए गए नाम के आधार पर उस तूफान का नामकरण कर दिया जाता है। इनमें बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।

हर देश ने आठ नाम पहले ही दे दिए हैं। इस तरह कुल 64 नाम पहले से तय किए गए हैं। इस बार चक्रवाती तूफान के नामकरण की बारी थाईलैंड की थी। थाईलैंड ने इसका नाम एम्फन रखा है। इसी वजह से इसे एम्फन चक्रवाती तूफान कहा जा रहा है।



चक्रवाती तूफान 20 मई को कर सकता है लैंडफाल

भारत मौसम विभाग भुवनेश्वर के डायरेक्टर एच.आर.विश्वास ने बताया कि ये तूफान 20 मई की दोपहर से शाम के बीच एम्फन पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के हातिया द्वीप के बीच में लैंडफाल कर सकता हैं। वहां चक्रवात भयानक रूप ले लेगा। चक्रवात के कारण ओडिशा में भारी वर्षा होगी और तेज आंधी चलेगी।

एम्फन' उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ते हुए तेजी से बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बढ़ेगा और 20 मई की दोपहर/शाम के दौरान दीघा (पश्चिम बंगाल) और हातिया द्वीप समूह (बांग्लादेश) को पार करेगा। इस दौरान हवा की गति 155 से 165 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने ये जानकारी दी है।



200 किलोमीटर प्रति घंटा से चलेंगी हवा की रफ्तार

एम्फन तूफान आने वाले दिनों में कितना घातक रूप ले सकता है इसका अंदाजा इसकी रफ्तार से लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 19 मई तक इसकी रफ्तार 200 किलोमीटर प्रति घंटा की हो सकती है। इसकी वजह से ओडिशा, बंगाल में दो दिनों तक भारी बारिश भी होगी।

20 मई तक यह दोनों राज्यों को पार करेगा। चक्रवाती तूफान की गति और क्षमता को देखते हुए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया कि वह एम्फन के रास्ते से होकर गुजरने वाली सभी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को अस्थाई रूप से स्थगित कर दे।



ओडिशा और बंगाल के समुद्री तटों पर ना जाएं

चक्रवात के कारण दक्षिण और बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर में समुद्र की स्थिति खराब से बेहद खराब रहने वाली है, ऐसे में सरकार ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वह अगले कुछ दिनों तक समुद्र में या ओडिशा के समुद्री तटों पर ना जाएं। पश्चिम बंगाल के मछुआरों को भी चेतावनी दी गई है कि वे 21 मई तक बंगाल की खाड़ी या पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में ना जाएं। 



दीघा समुद्र तट से 1140 किमी दूर है चक्रवात

मौसम विभाग की ओर से रविवार सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर तूफान को लेकर ताजा बुलेटिन जारी किया गया था। इसके मुताबिक ये तूफान फिलहाल बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्व में है और ये उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है।

हवा की रफ्तार इस वक्त 6 किलोमीटर प्रतिघंटा है। तट से इसकी दूरी का हिसाब लगाया जाय तो ये ओडिशा के पारादीप से 990 किलोमीटर दक्षिण में है जबकि पश्चिम बंगाल के दीघा से इसकी दूरी 1140 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम की तरफ है।




चक्रवाती तूफान को लेकर नौसेना अलर्ट मोड में

दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी में लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी पर अगले 12 घंटे में चक्रवाती तूफान में तेजी से वृद्धि होने की संभावना बताई जा रही है। वहीं, अगले 24 घंटे में ये एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस बीच, पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) भी अलर्ट हो गई है। विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के जहाज अलर्ट मोड में हैं।

वे मेडिकल सर्विस और लोगों की हर प्रकार की मदद के लिए तैनात हैं। इन जहाजों में अतिरिक्त गोताखोर, डॉक्टर और राहत सामग्री तैयार रखी गई है। इसमें खाने के सामान, तम्बू, कपड़े, दवाएं, कंबल आदि पर्याप्त मात्रा में रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बचाव और राहत प्रयासों को बढ़ाने के लिए जेमिनी बोट्स और मेडिकल टीमों के साथ बचाव दल भी तैयार हैं।



मंझारी में उड़े घरों के छप्‍पड़

जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठने वाले एम्फन तूफान का असर ओडिशा सीमा से सटे पश्चिम सिंहभूम में दिखना शुरू हो गया है। जिले के मंझारी प्रखंड के बरकुंडिया गांव में रविवार देर शाम आए तूफान ने दो घरों को नुकसान पहुंचाया। दोनों घरों के छप्पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। उसके साथ ही उस क्षेत्र में दर्जनों पेड़ उखड़ गए। 

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